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भोपाल (मध्य प्रदेश)

विधायक के आवंटित कमरे में महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों के मिलने का मामला

Sundar Singh Hada

Sundar Singh Hada , भोपाल

· अपडेट: 09 नवम्बर, 01:21 रात

1 मिनट 117
विधायक के आवंटित कमरे में महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों के मिलने का मामला

केवल केयरटेकर को हटाना पर्याप्त है या जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी?

विधायक विश्रामगृह कोई सामान्य धर्मशाला या निजी ठहरने का स्थान नहीं, बल्कि एक संवेदनशील सरकारी परिसर है। यहां यदि किसी व्यक्ति के नाम पर आवंटित कमरे में दूसरे लोग पहुंच सकते हैं और चाबी देने की प्रक्रिया का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है, तो यह व्यवस्था की गंभीर कमजोरी है।
क्या सरकारी कमरों की चाबियां अब फोन पर बांटी जाएंगी? क्या किसी का नाम लेकर सरकारी व्यवस्था को प्रभावित किया जा सकता है? और यदि ऐसा हुआ है तो इसके पीछे कौन है?
मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके बड़े सवालों को दबाया नहीं जाना चाहिए। फोन करने वाले व्यक्ति से लेकर चाबी सौंपने वाले और पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
जनता को केवल जांच शुरू होने की सूचना नहीं, बल्कि जांच का परिणाम और दोषियों पर कार्रवाई भी दिखाई देनी चाहिए।
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